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मुख्य न्यायाधीश ने दी थी कागज फाड़ने की अनुमति : राजीव धवन

5 सितंबर 2019 बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट लगातार सुनवाई कर रहा है। 17 अक्टूबर को इस विवाद के 40 में दिन की सुनवाई के दौरान देश के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने दोनों पक्षों के वकीलों को यह कहकर स्पष्ट निर्देश दिया कि अब किसी भी पक्ष को आने वाले किसी भी दिन कोई भी दलील पेश करने का मौका नहीं दिया जाएगा। इसलिए दोनों पक्ष आज ही अपनी सभी दलीलें समाप्त कर लें।

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि विवाद पर चल रही बहस के दौरान एक बहुत ही विचित्र घटना हुई। दरअसल हिंदू महासभा के वकील द्वारा एक पुरानी पुस्तक में बना राम मंदिर का नक्शा पेश किया गया। जिसे मुस्लिम पक्ष के राजीव धवन ने फाड़कर कई टुकड़े कर दिए। जिसके बाद उच्चतम न्यायालय के अंदर जारी सुनवाई में दोनों पक्ष भिड़ गए। देशभर में राजीव धवन की आलोचना होने के बाद उन्होंने कहा कि कागज फाड़ने की अनुमति मुख्य न्यायाधीश ने दी थी।

 रंजन गोगोई ने दी थी कागज फाड़ने की अनुमति

दरअसल सुनवाई के दौरान हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने जमीन पर दावा करते हुए सबूत के तौर पर आईपीएस कुणाल किशोर द्वारा लिखी गई पुस्तक में बने हुए एक नक्शे को पेश किया। इस पर राजीव धवन भड़क गए। उन्होंने पुस्तक को बेबुनियाद बताया और कोर्ट से इसको ना मानने के लिए कहा। इसके बाद राजीव धवन ने मुख्य न्यायाधीश से पूछा क्या इसे फाड़ देना चाहिए? जिसका जवाब देते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आप इसका जो चाहे वह करें। आप इसके टुकड़े-टुकड़े भी कर सकते हैं। इसके बाद राजीव धवन ने नक्शे के 5 टुकड़े कर दिदिए।

17 नवंबर से पहले आएगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिनों तक दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब फैसला उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के 17 नवंबर के दिन रिटायर होने से पहले दे दिया जाएगा।

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सुनवाई के दौरान कागज पढ़ने की घटना के बाद राजीव धवन ने कहा है कि कागज पढ़ने की अनुमति उन्हें उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने दी थी।
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